Sunday, June 27, 2021

भारत में निजीकरण के लाभ और हानि|| Pros and Cons of Privatisation in India

 




क्या होता है निजी करण
?

निजीकरण वह स्थिति है जब सरकारें हैं सार्वजनिक क्षेत्रों को निजी हाथों में देने का निर्णय का लेती है बहुत ही आम शब्दों में यह कहें तो इसका अर्थ इतना ही है कि जो भी सरकारी संस्थाएं हैं उन का मालिकाना हक या फिर कुछ हिस्सेदारी प्राइवेट यानी कि निजी हाथों में सौंप दिया जाए।

भारत में इस वर्ष यह विषय बहुत ही चर्चा में रहा करण मौजूदा भारतीय सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की कई बड़ी कंपनियोंके में भारत के कुछ अमीर और बड़े उद्योग पतियों को हिस्सेदारी के लिए आमंत्रित किया है?

जब कभी भी कोई राष्ट्र की सरकार राजस्व संग्रहण, कानून परिवर्तन गणराज्य में संग्रह कर-पालन, सैन्य आपूर्ति करने में विफल हो जाता है तब निजी करण को अपनाने लगता है।

विश्व भर में निजीकरण पहली बार सन 1930 में नाज़ी जर्मन के द्वारा उपयोग में लाया गया था।

उसके बाद से विश्व में कई दशकों तक अलग-अलग देशों में इसका उपयोग देखा 1930 में जर्मनी में 1950 में ब्रिटेन में 1961 में फिर से जर्मनी में 1970 में शेख चिल्ली में 1980 में ब्रिटेन में उसके बाद यूएसए में 1993 में ब्रिटेन में सबसे बड़े स्तर पर रेलवे निजी करण की पराकाष्ठा को देखा ।

ब्रिटेन जैसे बड़े देशों में इतने बड़े निजीकरण के बाद पर विश्व भर में निजी करण से यह बात साफ हो गई की कुछ दशकों के लाभ के लिए तो यह ठीक है परंतु अगर एक लंबे सफर को ध्यान में रखते हुए तय किया जाए इसके भारी नुकसान देखे जा सकते हैं।

भारत जैसे बहु संख्यांक आबादी वाले प्रजातांत्रिक राष्ट्रों में यह निर्णय बहुत ही गैर जिम्मेदाराना है। इसके कई कारण है -

  1. भारत एक बहुसंख्यक आबादी वाला देश है जहां आज भी बेरोजगारी एक मुख्य विषय है।
  2. दुनिया भर के उदाहरण से यह स्पष्ट है कि जहां कहीं भी निजी करण को अपनाया गया है वहां आने वाले अगले दशकों में महंगाई कई गुना बढ़ गई है।
  3. भारत में ही निजीकरण के संबोधन मात्र से ही तेल के दामों में कई गुना ज्यादा का इजाफा हुआ है खाद्य तेलों में दो 200% से भी ज्यादा उछाल देखा गया है।
  4. कोरोना महामारी के चलते देश में भारी मात्रा में लोगों की नौकरियां चली गई है ऐसी स्थिति में अधिक खर्च करना तो दूर अवश्य खर्चों को पूरा करना भी बहुत मुश्किल हो गया है।
  5. भारत में अर्थव्यवस्था डगमग आई हुई है और सरकारी हर रोज टैक्स में इजाफा करके जनता को और परेशान किए जा रही है।
  6. भारत में नोटबंदी और जीएसटी जैसे बेहद जटिल और नाकाफी साबित हुए हैं नोटबदी बिना तैयारियों के लिया गया एक्सरसाइज था जिससे छोटे व्यापारियों के धंधे में काफी ज्यादा नुकसान हुआ।
निजी करण से लाभ-
  1. वैसे तो निजी करण से लाभ एक छोटी आबादी को ही होंगे जैसे बहुत बड़े उद्योगपति और बड़ी पार्टियां जो राजनीतिक तौर पर नियमों और कानून का बेहतर इस्तेमाल जानती हैं। 
  2. आने वाले कुछ दशकों में भारत तेजी से एशियाई देशों में अपनी पहुंच बना लेगा।
  3. आने वाले दशकों में मजदूरों की वेतन कम होगी और मजदूरों की मात्रा बढ़ जाएगी जिसस उद्योग पतियों को सस्ते दामों पर मजदूर उपलब्ध हो जाएंगे।
  4. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बाहरी निवेश का भारत एक मुख्य दावेदार होगा।
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Tuesday, June 22, 2021

Modern trends in designing of electrical machines||विद्युत मशीनों के डिजाइन में आधुनिक रुझान

 The complete design process ,right from the specification requirements to the determination of machine dimensions and other items of information needed for the manufacture of both static and rotating machines, can be considered as a single engineering problem or several interconnected engineering problems.

The process of design of a single machine can be divided into three major design problems such as-

  • Electromagnetic design
  • Mechanical design 
  • Thermal design
These problems can be solved separately and results combined later on each of these three major problems may further be broken down into simple and loosely related elements. each element can be considered as a separate problem and such as this method involves solution of elements many times over.
The other aspects of modern design of electrical machine with designing and number of machines all of which form a part of a single system for example motors, generators and Transformers make a portion of a electromechanical energy network the different machine of such a system are interconnected and react upon each other sometimes considerably.

The digital computer has totally revolutionized the field of electric machine design. The computer aided design has the advantage of eliminating tedious and time consuming hand calculation thereby releasing the design from numerical drudgery to permit him devote time to grapple with physics and logical ideas.

The modern trend in electrical machine manufacturing industry can be expressed as-

  1. The range of power changes from a fraction of what to several hundred mega Watt in a single unit has the ratio of power output from the smallest machine to the largest machine is 1 :10¹⁰ . The range of rotational speed of electrical machine is also very white fun machine may have a speed of you revolutions per second while that of another can have be several thousand revolutions per second the large field of application and wide range of both power output and speed of operation of electrical machine has led a variety of types of construction.
  2. The second important feature of modern electrical machine in manufacture is the use of magnetic material which have high permeability , a low iron loss at a high mechanical strength .the material permit use of high values of flux density and therefore results in reduction in machine size and promptus extension of power output.

  3. The third important factor in manufacture of modern machine is the trend to build machine which is smaller in size. the use of laser material , and at the same time have the same efficiency and overload capacity the increase in power rating using smaller size coupled with good overall performance has been possible only due to the following technological advancements.
Thank you.
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Monday, June 21, 2021

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस।। International yoga day (21 June)


अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

विश्व भर मे स्वास्थ्य एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है ऐसे में संसार की सभी चिकित्सा प्रणालियों ने यह पाया है की किसी भी रोग से बचने का सबसे बढ़िया उपाय यह है की उस रोग को होने से पहले ही रोका जाए। इसी बात को ध्यान रखते हुए आज के दिन 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में हम सभी मनाते हैं।
  1. 21 जून को विश्व भर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाता है।
  2. योग विश्व भर में उपलब्ध सभी चिकित्सा प्रणालियों में सबसे कम खर्चीली या यूं कहें मुफ्त उपचार है।
  3. विश्व भर के वैज्ञानिकों ने जब सभी प्रकार के चिकित्सा प्रणालियों को समझा देखा तो पाया की योग्य न सिर्फ हमारे शरीर अपितु मन और मस्तिष्क दोनों स्वस्थ रहते हैं।
  4. योग एक ऐसी प्रक्रिया है जिसने शरीर को प्रकृति को आधार मानते हुए संतुलित करना होता है।  

  5.  नित्य योग करने से थायराइड ,डायबिटीज और पथरी या कैंसर, ब्लड प्रेशर ऐसे ही कई छोटी बड़ी बीमारियों से मुफ्त में ऐसे खतरनाक रोगों से बचा जा सकता है।।
  6. गर्भ धारण के समय भी योग किया जा सकता है।
  7. यह आजकल के नए जमाने में किए जाने वाले जिम और बॉडी बिल्डिंग तरीकों से हर मायने में बेहतर है।
  8. भारत में अनेको योग गुरु हुए जिन्होंने पूरे जीवन योग को समर्पित किया योग के प्रचार प्रसार में और जनकल्याण में अपनी भागीदारी निभाई है ।
  9. भारत में पतंजलि के संस्थापक और योग गुरु रामदेव जी, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ,कृपाचार्य जी कई गुरुकुल, अनेकों अध्यापक, प्राध्यापक और विद्यार्थी  सभी लोग योग के प्रचार प्रसार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस के प्रयोग को बढ़ावा दे रहे हैं।

  10. ऐसे में हमारा भी एक कर्तव्य बनता है कि हम भी योग को अपने जीवन में अपनाकर एक कुशल भविष्य और स्वस्थ जीवन शैली को अपनाएं।
  11. विश्व भर में कई संगठन सरकारी और गैर- सरकारी संस्थाएं किसान एनसीसी के जवान सेना के जवान विद्यार्थी युवा और महत्वपूर्ण व्यक्ति आज के दिन योग से जुड़ रहे हैं और एक दूसरे को योग से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।
तो आइए हम सभी इस मुहिम से जुड़े हैं और यह प्रण लें की हम भी अपने जीवन मेंं योग को अपनाएंगे पर योग के प्रचार प्रसार में अपनााा भी योगदान देंगे।

धन्यवाद

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Sunday, June 20, 2021

एक पेड़ हर एक साल ||One Plant by Each in Every Rainy season


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दुनिया भर में होने वाले प्राकृतिक बदलाव इस बात की पुष्टि करते हैं कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हमें आगे आना होगा। 

बढ़ते  प्रदूषण को देखते हुए यह है बहुत आवश्यक हो जाता है की हम जितनी जल्दी हो सके वर्तमान स्थिति को सुधारने एवं भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए प्रयास करें ।

इस समस्या को ध्यान रखते हुए "एक पेड़ हर एक साल" यह सोच अच्छे भविष्य की ओर इशारा कर रही है आने वाले समय में हमें इसका बहुत लाभ मिलेगा पेड़ों की संख्या लगातार कम होते जा रही है ऐसे में यह सुनिश्चित करना बहुत ही आवश्यक हो जाता है की हर परिस्थिति के लिए हमें तैयार रहना होगा।

देश के कई वैज्ञानिक एवं संस्थाएं इसके लिए प्रयास कर रही हैं हमें भी व्यक्तिगत स्तर पर इस मुहिम से जुड़ कर इन लोगों की मेहनत मैं अपना हाथ बढ़ा कर अपने भविष्य को सुरक्षित करना चाहिए ताकि हम अपने साथ-साथ आने वाले भविष्य को बेहतर पृथ्वी तोहफे के रूप में दे सकें।

प्रकृति हमें कई रूपों में एक वरदान की तरह प्राप्त हुई है ऐसे भी हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम इसे उतनी ही सुंदर और सुरक्षित आने वाली पीढ़ी हो दे दे रहे हैं। आज किस वैश्विक स्तर पर जंगलों का सफाया हो रहा है यह सच में बहुत ही गंभीर विषय है जानकार बताते हैं कि अगर यही हाल रहा तो आने वाले कुछ वर्षों में हम हैं पानी के साथ साथ हवा के लिए भी टैक्स देना होगा।

ये न सिर्फ पृथ्वी के लिए आवश्यक है बल्कि पृथ्वी पर उपलब्ध अन्य संसाधनों के पुनर्चक्रण में भी बहुत सहायक हैं पेड़ शुद्ध हवा, साफ जल और मिट्टी की सुरक्षा और उर्वरक क्षमता बनाए रखने के लिए भी बहुत ही सहायक हैं ऐसे में सभी पृथ्वी वासियों से यह उम्मीद की जाए की आने वाले प्रत्येक सालों में आने वाले प्रत्येक सालों में हर वर्ष एक पेड़ अवश्य लगाएं यह उत्सव "एक पेड़ हर 1 साल" या वन प्लांट व्हिच इन एवरी रेनी सीजन का मुहिम चलाकर लोगों में जागरूकता फैलाएं और लोगों को आगे बढ़कर पृथ्वी की सुरक्षा के लिए प्रेरित करें।

वैश्विक स्तर पर ही थी कई सरकारें हैं इसके लिए प्रयासरत हैं पर इतनी से कुछ नहीं होगा हमें भी आगे बढ़कर इस मुहिम में अपना सहयोग देना होगा तभी जाकर प्रत्येक नागरिक प्रत्येक भारतीय वासी अपने दायित्व का निर्वहन कर सकेगा।


धन्यवाद

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Friday, June 18, 2021

कैप्टन मिल्खा सिंह || भारतीय धावक (20 नवम्बर 1929 – 18 जून 2021)

 स्वतंत्र भारत के पहले व्यक्तिगत खेलों स्टार मिल्खा सिंह ने अपनी गति और खेल के लिए जुनून की भावना के साथ एक दशक से अधिक समय तक ट्रैक एंड फील्ड इवेंट में राज किया, कई रिकॉर्ड बनाएं और अपने करियर में कई पदक जीते। 

मिल्खा सिंह 

  1. मेलबर्न में 1956 ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया, 
  2. रोम में 1960 के ओलंपिक और टोक्यो में 1964 के ओलंपिक में मिल्खा सिंह अपने शानदार प्रदर्शन के साथ दशकों तक भारत के सबसे महान ओलंपियन बने रहे।
  3. 20 नवंबर 1929 को गोविंदपुरा (जो अब पाकिस्तान का हिस्सा हैं) में एक सिख परिवार में जन्मे मिल्खा सिंह को खेल से बहुत लगाव था, 
  4. वह विभाजन के बाद भारत भाग आ गए और भारतीय सेना में शामिल हो गए थे। 
  5. सेना में रहते हुए ही उन्होंने अपने कौशल को और निखारा।
  6.  एक क्रॉस-कंट्री दौड़ में 400 से अधिक सैनिकों के साथ दौड़ने के बाद छठे स्थान पर आने वाले मिल्खा सिंह को आगे की ट्रेनिंग के लिए चुना गया। जिसने प्रभावशाली करियर की नींव रखी।
  7. 1956 में मेलबर्न आयोजित हुए ओलंपिक खेलों में उन्होंने पहली बार प्रयास किया। 
  8. भले ही उनका अनुभव अच्छा न रहा हो लेकिन ये टूर उनके लिए आगे चलकर फलदायक साबित हुआ। 
  9. 200 मीटर और 400 मीटर की स्पर्धाओं में भाग लेने वाले अनुभवहीन मिल्खा सिंह गर्मी के स्टेज से बाहर नहीं निकल सके।
  10. चैंपियन चार्ल्स जेनकिंस के साथ एक मुलाकात ने उन्हें अपने भविष्य के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा और ज्ञान दे दिया।
  11. कुछ वर्षों पहले मिल्खा सिंह की बायोपिक "भाग मिल्खा भाग" फ़िल्म  बनाई गई थी। 
  12. आज 18 जून 2021,के दिन covid - 19 के ग्राषित होने के कारण अब हमारे साथ नहीं रहे। 

भारत और भारतीय सदा ही अपको एक प्रेरणा के स्रोत के रूप में याद रखेंगे।


((मोहम्मद एजाज S/O अब्दुल कालीक़)  ने कहा कि  मिल्खा सिंह जी के निधन से दुनिया ने एक शानदार एथलीट खो दिया है। महान खिलाड़ी अपने देशों के लिए परिवार के गहनों की तरह हैं और हमारे राष्ट्रों के साझा इतिहास को देखते हुए, यह भारत और पाकिस्तान दोनों के लिए एक नुकसान है।



धन्यवाद। 


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Thursday, June 17, 2021

भारतीय मीडिया की वर्तमान स्थिति।

 आज के समय भारतीय मीडिया अपने कर्तव्यों और अधिकारों के लिए प्रयास करने में असफल साबित हो गई है। ऐसे में यह बहुत जरूरी हो जाता है कि सही खबरों की जानकारी लोगों तक पहुचे।

इस बात को सिद्ध करने के लिए निम्नलिखित तथ्यों को पढें -

  1. सुशांत सिंह राजपूत (अभिनेता) की मृत्यु पर छह महीने से भी ज्यादा की मीडिया कवरेज।
  2. इस बीच भारत में होने वाली corona के हालात को न दिखाना। 
  3. किसान आंदोलन को गंभीरता से लोगों तक न पहुंचाना। 
  4. अपने देश के किसानों को आतंकवाद से संबंधित बताया। 
5.महंगाई के मुद्दे पर चर्चा न करना अपितु यह समर्थन करना     की सब कुशल मंगल है।

6. किसानों को उनके लिए स्वयं का अखबार प्रकाशित करना      पड़ा। 

7. आगर आप टेलीविजन चैनलों को ध्यान से सुने तो आप        को पता चलेगा की पांच बार एक ही बात दोहराते हैं और        ग्राफिक चित्राें का प्रदर्शन भयंकर ध्वनि प्रभाव से चलता        रहता है।

ऐसे में यह बहुत जरूरी हो जाता है कि सही खबरों के मुताबिक एक बार फिर अपने लिए सही माध्यम से प्राप्त किया जाए।

धन्यवाद।। 



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