कैप्टन मिल्खा सिंह || भारतीय धावक (20 नवम्बर 1929 – 18 जून 2021)

 स्वतंत्र भारत के पहले व्यक्तिगत खेलों स्टार मिल्खा सिंह ने अपनी गति और खेल के लिए जुनून की भावना के साथ एक दशक से अधिक समय तक ट्रैक एंड फील्ड इवेंट में राज किया, कई रिकॉर्ड बनाएं और अपने करियर में कई पदक जीते। 

मिल्खा सिंह 

  1. मेलबर्न में 1956 ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया, 
  2. रोम में 1960 के ओलंपिक और टोक्यो में 1964 के ओलंपिक में मिल्खा सिंह अपने शानदार प्रदर्शन के साथ दशकों तक भारत के सबसे महान ओलंपियन बने रहे।
  3. 20 नवंबर 1929 को गोविंदपुरा (जो अब पाकिस्तान का हिस्सा हैं) में एक सिख परिवार में जन्मे मिल्खा सिंह को खेल से बहुत लगाव था, 
  4. वह विभाजन के बाद भारत भाग आ गए और भारतीय सेना में शामिल हो गए थे। 
  5. सेना में रहते हुए ही उन्होंने अपने कौशल को और निखारा।
  6.  एक क्रॉस-कंट्री दौड़ में 400 से अधिक सैनिकों के साथ दौड़ने के बाद छठे स्थान पर आने वाले मिल्खा सिंह को आगे की ट्रेनिंग के लिए चुना गया। जिसने प्रभावशाली करियर की नींव रखी।
  7. 1956 में मेलबर्न आयोजित हुए ओलंपिक खेलों में उन्होंने पहली बार प्रयास किया। 
  8. भले ही उनका अनुभव अच्छा न रहा हो लेकिन ये टूर उनके लिए आगे चलकर फलदायक साबित हुआ। 
  9. 200 मीटर और 400 मीटर की स्पर्धाओं में भाग लेने वाले अनुभवहीन मिल्खा सिंह गर्मी के स्टेज से बाहर नहीं निकल सके।
  10. चैंपियन चार्ल्स जेनकिंस के साथ एक मुलाकात ने उन्हें अपने भविष्य के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा और ज्ञान दे दिया।
  11. कुछ वर्षों पहले मिल्खा सिंह की बायोपिक "भाग मिल्खा भाग" फ़िल्म  बनाई गई थी। 
  12. आज 18 जून 2021,के दिन covid - 19 के ग्राषित होने के कारण अब हमारे साथ नहीं रहे। 

भारत और भारतीय सदा ही अपको एक प्रेरणा के स्रोत के रूप में याद रखेंगे।


((मोहम्मद एजाज S/O अब्दुल कालीक़)  ने कहा कि  मिल्खा सिंह जी के निधन से दुनिया ने एक शानदार एथलीट खो दिया है। महान खिलाड़ी अपने देशों के लिए परिवार के गहनों की तरह हैं और हमारे राष्ट्रों के साझा इतिहास को देखते हुए, यह भारत और पाकिस्तान दोनों के लिए एक नुकसान है।



धन्यवाद। 


Comments

Post a Comment

Thanks for Reading and commenting.
Please Share with your friends.

Popular posts from this blog

The Rise of Emotional AI: Can Machines Really Feel?

The Subtle Omnipresence of Artificial Intelligence: A Neutral Inquiry

अब वक्त है AI सीखने का: आसान शुरुआत का पूरा मार्गदर्शन

AI vs Human Intuition: Who Should You Trust More?

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और नौकरियाँ: डरें या उत्साहित हों?

The Impact of AI on Jobs: Should We Be Worried or Excited?

भारतीय मीडिया की वर्तमान स्थिति।

DeepSeek R1: एआई तर्कशीलता का भविष्य || The Future of AI Reasoning

🧠 The AI Learning Curve: How to Start Understanding Artificial Intelligence Today